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अपनी डुबती हुई ऑखो कि दुहाईयॉ देकर
वो चला मुझे जिन्दगी कि तन्हाईयॉ देकर
ग़म का सैलाब उन खुश्क ऑखो मे था
रो पडा मुझे कैद से अपनी रिहाईयॉ देकर
रोक ले कोई उसे दोस्त हो मसिहा हो कोई
पाया मैने उसे है अपनी सारी खुदाईयॉ देकर
हर लम्हा किमती और किमती हुआ जाता है
पल भी कटा तो सदियो कि बेकरारीयॉ देकर
ये खयाल भी तो मुमकिन नही के वो लौटेगा
जो चला है एक जिन्दगी कि जुदाईयॉ देकर
पड गई है दरारे मेरी सदाओ मै अब शकिल
वो जा रहा है दुआओ को मेरी रुसवाईयॉ देकर
वो चला मुझे जिन्दगी कि तन्हाईयॉ देकर
ग़म का सैलाब उन खुश्क ऑखो मे था
रो पडा मुझे कैद से अपनी रिहाईयॉ देकर
रोक ले कोई उसे दोस्त हो मसिहा हो कोई
पाया मैने उसे है अपनी सारी खुदाईयॉ देकर
हर लम्हा किमती और किमती हुआ जाता है
पल भी कटा तो सदियो कि बेकरारीयॉ देकर
ये खयाल भी तो मुमकिन नही के वो लौटेगा
जो चला है एक जिन्दगी कि जुदाईयॉ देकर
पड गई है दरारे मेरी सदाओ मै अब शकिल
वो जा रहा है दुआओ को मेरी रुसवाईयॉ देकर
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