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जब अपना मुंह खोलो तुम
बात पते की बोलो तुम
ठीक वक्त औ' ठीक जगह
अपने पत्ते खोलो तुम
सोचो तुम क्या हो, क्यों हो
खुद को कभी टटोलो तुम
वक्त है धागा , मोती बन
खुद को आज पिरो लो तुम
सपनों, मुझको जगना है
नौ दो ग्यारह हो लो तुम
कवि दीपक गुप्ता - 9811153282 - 9311153282
www.kavideepakgupta.com
बात पते की बोलो तुम
ठीक वक्त औ' ठीक जगह
अपने पत्ते खोलो तुम
सोचो तुम क्या हो, क्यों हो
खुद को कभी टटोलो तुम
वक्त है धागा , मोती बन
खुद को आज पिरो लो तुम
सपनों, मुझको जगना है
नौ दो ग्यारह हो लो तुम
कवि दीपक गुप्ता - 9811153282 - 9311153282
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कवि दीपक गुप्ता
9811153282 - 9311153282
http://www.kavideepakgupta.com/