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Apr 29 08 5:07 PM

QUOTE (kavideepakgupta @ April 28, 2008 09:39 pm)
सबसे अपनापन रखता है
वो इक ऐसा फ़न रखता है

पतझर में जीता है लेकिन
आँखों में सावन रखता है

वो खुद से क्यों डर जाता है
जब आगे दरपन रखता है

वक़्त सभी कुछ सुलझा देगा
क्यों मन में उलझन रखता है

मुझसे झूठे वादे करके
क्यों तू मेरा मन रखता है

gazal by ...........दीपक गुप्ता .... 9811153282 , 9311153282 , http://www.kavideepakgupta.com/

Deepak ji
aapka pariwaar mein hardik swagat hai.

aapko pahli bar padha hai, aapki ghazal bahut achi lagi.

darpan hi toh sach bolta hai.

nira