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Jan 19 08 2:14 PM

नश्वर जीव की सच्चाई से रुबरू कविता बहुत कुछ कह गई...
संयोग देखिए....मेरी ताज़ी कविता "टीस सी दिल में सौ बार उठी है"भी इसी तरफ इशारा कर रही है ..

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