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Jun 2 07 1:06 PM

QUOTE (tanha kavi @ June 01, 2007 11:09 am)
दुश्मन हैं मेरे, तेरे पग के नूपुर-

तेरे संग जो दो पल रह लूँ मैं,
मौसम को भी ये भरमाते,
कण-कण में कल-कल जड़ देते,
ध्वनियों को हैं ये मदमाते,
कदमों को तेरे अल्हड़पन दे,
मेरे धैर्य पे हैं ये मुस्काते,
तेरे नयनों में शर्म जगा-
बेशर्म से हैं ये इठलाते ,
मेरे दिल में भर देते फिर ये-
कंपन बहुतेरे, तेरे पग के नूपुर,
दुश्मन हैं मेरे, तेरे पग के नूपुर।

जब शांत समय को पाकर मैं,
तेरे कानों में कुछ कहता हूँ,
जब हवा चुपके से आती है,
उससे छुप कर मैं रहता हूँ,
फिर तेरी हंसी में जग अपना,
खोता हूँ, उसमें बहता हूँ,
और तेरे बदन में सिहरन को,
अपनी सिहरन से लहता हूँ,
उस पल क्यों, अपने राग में ही-
धुन हैं छेड़े , तेरे पग के नूपुर,
दुश्मन हैं मेरे , तेरे पग के नूपुर।

जब अपनी चाहत के पथ से,
हूँ छांटता अनुचित बातों को,
जब प्रीत से विमुख हर दिल से,
हूँ काटता चोटिल घातों को,
जब रंग सपनों के देता हूँ,
अपने दिन-अपनी रातों को,
जब तेरी बाहों में खोकर,
खोता हूँ अपनी मातों को,
उसपल हीं क्यों रूनझून करते--
उलझन हैं रे, तेरे पग के नूपुर,
दुश्मन हैं मेरे, तेरे पग के नूपुर।


-विश्व दीपक 'तन्हा'

Tanha ji,

Bahut pyare ahsaas hai....bahut achchhi rachna hai

Mann ko chhu gayi....

per dost.....nupur mujhe behad prey hai

Pyeyatama ki har vastu preya hai
Preet me nupur chumna preya hai


Dhanyabad

Guru kabira ne di hai shikxa
Lalat lagau aise dikxa

kavya jan chetana bane
Guru kabira do aise bhikxa



Meri kavitaye dohri dohri
Syam socho, nikli dupahari

Upar upar doodh, niche rabdi
Nasamajh ki samajh adoori

Grahan kiya jo satya tathya
Har Pyas se ho jaye doori


Arvind Vyas "Pyas"