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May 5 07 11:41 AM

डम डम डीगा डीगा
मौसम भीगा भीगा
बिन पिये मै तो गिरा, मैं तो गिरा, हाय अल्लहा
सूरत आपकी सुभान अल्लहा

किसी दूसरे शायर की पंक्त्तियाँ हैं पर मुझ पर लागू हैं:

"ढूँढा सब जहाँ में पाया पता तेरा नहीं
अब पता तेरा मिला तो पता मेरा नहीं"