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May 1 07 2:23 PM

गोलमाल है भाई, सब गोलमाल है
हर सीधे रस्ते की एक टेढी सी चाल है

किसी दूसरे शायर की पंक्त्तियाँ हैं पर मुझ पर लागू हैं:

"ढूँढा सब जहाँ में पाया पता तेरा नहीं
अब पता तेरा मिला तो पता मेरा नहीं"