#1 [url]

May 1 07 1:32 PM

जो सुना तेरा हाल ए दिल ए सखी
लगा कि ग़म मेरा ही बयान हुआ है

करने को ग़म गलत अपना हम भी
तेरे आँसुओं में अपने आँसू मिला के रो दिए

किसी दूसरे शायर की पंक्त्तियाँ हैं पर मुझ पर लागू हैं:

"ढूँढा सब जहाँ में पाया पता तेरा नहीं
अब पता तेरा मिला तो पता मेरा नहीं"